दिमाग को शांत और विचारो से मुक्त केसे रखे

दिमाग को शांत केसे रखे।

आजकल के दौड़धाम के जमाने में हमे दिमाग का बहुत उपयोग करना पड़ता है। जिसकी वजह से हमारा दिमाग बहुत ही बेचेन रहता है। और कुछ भी सोच सुरू हो जाती है। जीसकी वजह से चीडचीडापन, गुस्सा वगेरा आना सुरू हो जीता है। जीस की वजह से हमारे घर के सदस्य परेसान हो जाते है।

इंसान के powerful दिमाग को शांत रखना ईतना आसान नही है। दिमाग के विचारो को control me रखने के लीए हमे बहुत महेनत करनी पडती है। और इस जमाने के व्यस्त जीवन मे कीसी के पास समय नही है। और वो अपने दिमाग पे महेनत ही करते रहते है, और दिमाग अशांत रहने लगता है। वीचारने की ताकात बढ जाती है, और गुस्सा आने लगता है। तो चलो आज जानते है, की अशांत दिमाग को केसे शांत कीया जाय।

दिमाग को शांत रखने के लीए पुरी नींद ले।

निंद दिमाग को शांत रखने का सबसे बेस्ट और आसान तरीका है। दिमाग अशांत रहने का सबसे बडा कारण निंद का अभाव है। जब दिमाग को आराम नही मीलता तो थकान की वजह से दिमाग अशांत हो जाता है। इसलीए दिमाग को शांत रखने के लीए पुरी निंद ले।

24 घंटो मे हमे 6 से 8 घंटा निंद लेनी ही चाकरन कीसी का काम बहुत रहता है, और वो लोग रात मे निंद नही ले पाते है, और निंद न पुरी होने की वजह से दिमाग अशांत ही रहता है। दिन मे भी आधा घंटा निंद ली जाय तो बहुत ही फायदा होता है।

दिमाग को शांत करने के लीए योगा, ध्यान जरूर करे।

भारत के मुनीओ ने अपना पुरा जीवन लोगो की मदद के लीए ही व्यतीत किया है। उन्होने अलग अलग रोगो के लीए बहुत एसे आशन निकाले है। ध्यान भी उन्ही की देन है। अगर सही से और समयपुर्वक ध्यान कीया जाय तो बहुत ही फायदा होता है।

ध्यान करने से अशांत मन बहुत ही जल्दी शांत हो जाता है। ध्यान से पुरे दिमाग पे हम कब्जा कर सकते है। और पुरे दिन दिमाग मे हजारो विचार आते है वे बंद हो जाते है, और मन प्रफुल्लीत हो जाता है। अगर हम ध्यान पुरी पद्धती से करते है तो बहुत ही फायदा होता है। और दिमाग को पुरा शांत और अचंचल रखने के लीए ध्यान करना बहुत ही आवश्यक है।

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ध्यान केसे करे?

दिमाग को हमेशा शांत रखने के लीए गुस्सा न करे।

गुस्सा बहुत ही हानीकारक है। जेसे शांत पानी मे पथ्थर मारते है, और पुरा पानी हिलने लगता है, फीर थोडे समय के बाद पानी शांत हो जाता है। पथ्थर और पानी की तरह गुस्सा और दिमाग का सबंध है। दिन मे एकबार कीया गया गुस्सा पुरे दिन तो चेन खो देता है। बहुत समय के बाद दिमाग शांत होता है, लेकीन दिमाग की थकान इतनी जल्दी दुर नही होती है।

गुस्से को हमेसा काबु मे रखना चाहीए। बहुत लोग यह बोलते है, की गुस्सा काबु नही होता है, लेकीन मे आपको बता दु की गुस्सा करते है तभी आता है, वरना गुस्सा कोइ पेशाब नही है जो हमे मजबुरन करना पडता है।

पकृती का आनंद ले।

दिमाग को कीसी भी काम के साथ व्यस्त रखा जाय तो भी हमे बेचेनी होती है, और दिमाग विचार करने लगता है, और बहुत परेसानी सी लगने लगती है, तो एसे समय मे दिमाग को पकृती का आनंद कराए। बाग बगीचे मे घुमने जाय, ठंडी हवा का आनंद ले। इस तरह दिमाग बहुत ही प्रफुल्लीत रहने लगता है। और वीचारो से मुक्त और शांत रहता है।

आधुनीक उपकरणो से लगाव कम रखे।

आधुनीक उपकरणो का ज्यादा उपयोग हमारे लीए नुकसानकारक है। आधुनीक उपकरण जेसे की स्मार्ट फोन, लेपटोप जेसे उपकरण। एसे साधनो का उपयोग उतना ही करे जीतनी उनकी जरूर है। ज्यादा उपयोग करने से तनाव बढता है। और एसे उपकरणो की आदत सी लग जाती है। जो हमारे दिमाग को अशांत करता है। इसलीए अपने दिमाग को विचारमुक्त रखने के लीए जरूर से ज्यादा आधुनीक उपकरणो का उपयोग ना करे।

दिमाग के साथ ये काम कभी न करे।

गंदे विडीयो न देखे।
कभी जीद्द न करे।
दिमाग मे हमेसा सकारात्मक विचार डाले।
दिमाग को हमेसा भक्तीमय रखे, और दुनीया की ताकतवर शक्ती प्रभु के नाम का रटण करना कभी न भुले।

इस तरह आप अपने दिमाग को वीचारो से मुक्त और शांत रख सकते है। हमे हमारे दिमाग के लीए भी समय नीकालते रहना चाहीए। क्यु की ज्यादा बेचेनी की वजह से कीसी भी काम मे मन नही लगता है। 

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