पढा हुआ जल्दी याद केसे रखे। आसान तरीका

याद करने की आसान टीप्स

हर student की चाहत रहती है की, exam मे वो टोप केेसे करे। और अव्वल नंबर प्राप्त करे। लेकीन एसे कइ सारी वजह से student एक्जाम टोप नही कर पाते है। exam मे टोप्पर ना बनने की वजह है, हमे याद बोहत कम रहना।

Pdha huaa yad rkhne ki aasan tips

पढते तो बोहत है लेकीन याद बोहत कम रहता है। जीसकी वजह से exam के सारे question के answer नही दे पाते है। और परीक्षा मे टोप नही आ सकते। और हम हमेसा सोचते है की एसा क्या कीया जाय जीसकी वजह से हमे हमे पढा हुआ बोहत याद रहने लगे। और बडी आसानी से परीक्षा मे टोप कीया जाय। तो पहले जान लेते है की एसी कोनसी वजह है ताकी हमे याद कम रहता है।

ख्यालो के साथ पढाइ करना।

अगर मे मेरे अनुभवो के आधीन बताऊ तो याद न रहने का कारण है, ख्यालो के साथ पढाइ करना। पढाइ तो हम कर रहे है, बुक भी पकडी हुइ है, होठ भी हील रहै है, लेकीन हमारा दिमाग कीसी और जगह घुम रहा है। तो आपको कभी याद नही रहेगा। पढाइ तभी करे जब अपने दिमाग से free हो।  वरना पढाइ करने का कोइ मतलब नही है।

मन को ख्यालो से केसे मुक्त करे।

हमने जान लीया की ख्यालो के साथ पढाइ करने से हमे याद नही रहता है। लेकीन इस ख्यालो वाले दिमाग को सांत केसे कीया जाय? ख्याल तभी आते है जब हमारे मनमे कुछ करने की चाहत रह जाती है।

जैसे की आपको क्रिकेट खेलना है। और आप जबरदस्ती पढाइ करने बेठ गये हो। और क्रिकेट आपका पसंदिदा खेल है। तो आपके दिमाग मे बार बार क्रिकेट खेलने के बारेमे खयाल आता रहेगा। और पढाइ पे ध्यान कम रहता है। जीसकी वजह से आप पढा हुआ नही समज पा रहे है, यही वजह है जीसकी वजह से आपको याद नही रहता।

याद तो तभी रहता है जब हम पाठ को पुरी तरह समज जाए। बीना समजे कभी याद नही रहता है, चाहे वो कोईभी वीषय हो। अगर आप पढाई के दौरान पुरा दिमाग मे उतारना चाहते है, तो अपने दिमाग को पढाइ की और स्थिर रखे। अगर क्रिकेट खेलने का मुड है, तो क्रिकेट खेलने के बाद ही पढाइ करे। मतलब जो काम अधुरा है उसे पुरा करके सांत मन से पढाइ करे।


मोबाईल की और ज्यादा आकर्षित होना।

मोबाइल जीतना उपयोगी है, उतना हानीकारक भी है। मोबाइल एसा उपकरण है की वो हमे अपनी और खींचता ही रहता है। हर दिन मोबाइल मे नये नये अपडेट आते रहते है, और उन्हे जानने के लीए हर बच्चा उतावला रहता है। जैसे की गेम्स। मोबाइल मे गेम कीतनी भी खेलो कम नही होगी। और जब पढाइ से ज्यादा दिमाग मोबाइल की और आकर्षित होने लगे तो हम कभी ठीक से याद नही कर पाते है।

मोबाइल मे पढाइ के रिलोटिड भी बोहत कुछ आता है, लेतीन उसे बोहत कम उपयोग करे तो हमारे लीए फायदा है।

मोबाइल की आदत को केसे दुर करे।

मे यह नही कह रहा हु की मोबाइल बुरी आदत है। मोबाइल बोहत ही उपयोगी उपकरण है, जब की हम उसका सही से उपयोग करे। अगर मोबाइल हमारे पर हावी हो जाय तो उस्से बोहत नुकसान हो सकता है। जब हमे एसा लगे की मोबाईल की वजह से हमारा समय खराब हो रहा है तो इसे दुर कर दे।

  • मोबाइल की लत्त दुर करने के लीए जब हम फ्री हो जाय तब मोबाइल को दुर कर देना चाहीए।
  • जब भी गेमेस वगेरा खेलने का मन हो तो आप कुछ दुसरा काम हाथ ले लेना चाहीए। जीसकी वजह से मोबाइल से ध्यान हट जाए।
  • मोबाइल का ख्याल न आने दे। जेसे की कीसीके मेसेज करना है, वीडीयो देखना है, वगेरा।

इस तरह हम मोबाइल की आदत को आसानी से छोड सकते है।

दुसरे काम के साथ पढाइ करना।

यह बोहत ही बुरी आदत है  स्टुडन्टस की। वो लोग पढाइ भी करते है और बाते भी। जीसकी वजह से ध्यान दोनो तरफ बट जीताहै।, और पढा हुआ पुरी तरह याद नही रहता। और फीर हम अनुमान लगाते है की याद क्यो नही रहता। लेकीन याद न रहने की सबसे बडी वजह यही है।

समज लो की दो दोस्त साथ मे पढाइ कर रहै है, कुछ टोपीक पढने के बाद बाते करने लगते है, और जो टोपीक पहले पढा था वो दिमाग मे से रीमुव हो जाता है। और याद न रहने की वजह से हमे उस टोपीक को बार बार पढना पडता है। मतलब आप पुरी तरह पढा हुआ याद रखना चाहते है तो सांत वातावरण और अकेले बेठे पढे।

सांत समय के लीये कोनसे समय मे पढे।

अगर जो पढने के लीए कोई शांत समय है, तो वो है सुबह 4 से 7 बजे तक। उस सम मे अगर पढाइ की जाय तो बोहत ही अच्छा याद रहता है। सुबह मे पढाइ कूया हुआ लंबे तक याद रहता है। जीसकी वजह से हमे पुनरावर्तन करने की जरूरत नही रहती।

अगर आप सुबह मे नही पढ सकते तो रात का समय भी सही है, लेकीन रातमे थका हआ दिमाग रहता है, जीसकी वजह से नींद आने की संभावना बोहत ज्यादा रहती है।

बुरी आदतो मे घीरा रहना।

बुरी आदतो का पढाइ उपर बोहत असर पडता है। जीसकी वजह से याद करने मे दिक्कत आती है। पढने का समय बुरी आदतो मे चला जाता है। बुरी आदतो की वजह से दिमाग और शरीर दोनो खराब हो जाते है। और ये दोने खराब रहेंगे तो पढा हुआ याद बोहत कम रहेगा।

बुरी आदते

  • दारू की लत्त
  • हस्तमैथुन
  • प्यार के रहगा।
इन आदतो को छोडकर सीर्फ पढाई पर ध्यान दियी जाय तो बोहत ही फायदा होगा। और बोहत याद रहगा।
आज मेरे अनुभवो के आधीन आपको पुरी मीहीती दी है, की हम केसे बडी आसानी से पढा हुआ याद रख सकते है। आपको ये पोस्ट हेल्पफुल लगी हो तो शेयर करना ना भुले।

 

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